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मोदी सरकार बढ़ा सकती है EPFO में निवेश की बेसिक सैलरी लिमिट, 75 लाख कर्मचारियों पर होगा सीधा असर

EPFO: सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund - PF) में जाने वाले अंशदान की लिमिट को बढ़ा सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 29, 2022 पर 7:06 PM
मोदी सरकार बढ़ा सकती है EPFO में निवेश की बेसिक सैलरी लिमिट, 75 लाख कर्मचारियों पर होगा सीधा असर
EPFO: सरकार कर्मचारियों के पीएफ खाते में होने वाले अंशदान के लिए सैलरी लिमिट बढ़ा सकती है।

EPFO: सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund - PF) में जाने वाले अंशदान की लिमिट को बढ़ा सकती है। अभी कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद सेविंग का ध्यान रखते हुए कर्मचारी और कंपनी दोनों पीएफ में बराबर का अंशदान करती है। अभी ये सीमा 15,000 रुपये की सैलरी पर है लेकिन सरकार इस लिमिट को बढ़ाकर 21,000 कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारी और कंपनी दोनों की तरफ से होने वाला अंशदान बढ़ जाएगा।

अभी कर्मचारी और कंपनी के लिए ये हैं नियम

अभी के नियमों के मुताबिक कंपनियों के पास अगर कुल कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक है, तो कर्मचारी को अपने वेतन से और नियोक्ता को अपना हिस्सा रिटायरमेंट फंड पीएफ में देना होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैलरी लिमिट पर फैसला लेने के लिए अपने-अपने हिस्से से पीएफ के रिटायरमेंट सेविंग स्कीम में अंशदान करना होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सैलरी लिमिट पर फैसला लेने के लिए एक समिति भी बनाई गई है।

अभी इतना होता है अंशदान

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