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गोल्ड ने फिर तोड़ा तेजी का रिकॉर्ड! निवेशक खरीदारी करें या फिर मुनाफावसूली?

ट्रेड वॉर की आशंका और ग्लोबल अनिश्चितता के चलते सोना नई ऊंचाई पर पहुंचा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी करें, क्योंकि गोल्ड की मिड-टर्म डिमांड मजबूत बनी रहेगी।

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 10, 2025 पर 9:51 PM
गोल्ड ने फिर तोड़ा तेजी का रिकॉर्ड! निवेशक खरीदारी करें या फिर मुनाफावसूली?
एक्सपर्ट का मानना है कि ट्रेड वॉर और गिरती ग्रोथ के कारण सोने की डिमांड और बढ़ेगी।

घरेलू वायदा बाजार (MCX) में गुरुवार को सोने की कीमतों ने नया कीर्तिमान बना दिया। जून डिलीवरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 1% से ज्यादा उछलकर ₹91,464 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में भी सोने की कीमतें करीब 2% बढ़ी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सोने के निवेशकों को इस वक्त क्या करना चाहिए। क्या उन्हें और सोना खरीदना चाहिए या मुनाफावसूली करनी चाहिए।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और चीन के बीच गहराता ट्रेड वॉर है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चीन से आयात पर टैरिफ को 125% तक बढ़ा दिया। हालांकि, उन्होंने चीन को छोड़कर बाकी देशों को "reciprocal tariffs" पर 90 दिन की मोहलत भी दी है।

इस फैसले से शेयर बाजार को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन निवेशकों को डर है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एक बार फिर सीधी टक्कर में आ सकती हैं। इसका असर ग्लोबल ग्रोथ पर पड़ेगा। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश तलाशते हैं और सोना हमेशा से उनका पसंदीदा विकल्प रहा है।

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