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बेंगलुरु, पुणे समेत इन शहरों के कर्मचारियों की बढ़ जाएगी इन-हैंड सैलरी! मिल सकता है 50% HRA टैक्स छूट

बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में रहने वाले सैलरीपेशा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों में बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके तहत इन शहरों को भी 50 प्रतिशत के HRA छूट की श्रेणी में शामिल किया जा सकता

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Feb 09, 2026 पर 11:02 PM
बेंगलुरु, पुणे समेत इन शहरों के कर्मचारियों की बढ़ जाएगी इन-हैंड सैलरी!  मिल सकता है 50% HRA टैक्स छूट
इनकम टैक्स नियमों के तहत HRA छूट की गणना तीन में से सबसे कम राशि के आधार पर होती

बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में रहने वाले सैलरीपेशा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों में बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके तहत इन शहरों को भी 50 प्रतिशत के HRA छूट की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल यह छूट सीमा केवल चार मेट्रो शहरों में लागू है- मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई।

आयकर नियमों में प्रस्तावित ड्राफ्ट संशोधनों के अनुसार, सरकार उन शहरों की सूची का विस्तार करना चाहती है, जहां कर्मचारियों को बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के 50 प्रतिशत तक HRA पर टैक्स छूट मिलती है। अभी बाकी सभी शहरों में यह सीमा 40 प्रतिशत तक ही सीमित है।

प्रस्ताव का मतलब क्या है?

मौजूदा इनकम टैक्स नियमों के तहत HRA छूट की गणना तीन में से सबसे कम राशि के आधार पर होती है। इसमें पहला है वास्तविक HRA जो कर्मचारी को मिलता है। दूसरा है मेट्रो शहरों के लिए बेसिक सैलरी और DA का 50 प्रतिशत (बाकी शहरों के लिए 40 प्रतिशत)। और तीसरा है दिए गए किराए में से बेसिक सैलरी और DA के 10 प्रतिशत को घटाने के बाद की राशि।

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