अच्छा-खासा गोल्ड रिजर्व रखने वाली दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के पास भी उतना सोना नहीं है, जितना कि भारत के घरों में मौजूद है। यह बात एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) ने कही है। व्यापार संघ ने एक बयान में कहा कि पिछले कुछ सालों में भारतीय घरों द्वारा जमा किया गया सोना दुनिया के टॉप 10 केंद्रीय बैंकों के सोने के कुल भंडार से कहीं ज्यादा है। ASSOCHAM के मुताबिक, हर साल सोने के इस भंडार का अगर सिर्फ 2 प्रतिशत हिस्सा फाइनेंशियल एसेट्स में लगाया जाए तो 2047 तक भारत की GDP (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) में 7.5 लाख करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है।
