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Mutual Fund KYC: दोबारा म्यूचुअल फंड केवायसी किसके लिए जरूरी है? यहां विस्तार से जानिए यह पूरा मामला क्या है

म्यूचुअल फंड हाउस के लिए इनवेस्टर्स का सही केवायसी कराना जरूरी है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में यह मसला सुर्खियों में है। जिन इनवेस्टर्स का केवायसी ठीक तरह से नहीं किया गया है, उनके लिए इसे दोबारा कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 29, 2024 पर 11:25 AM
Mutual Fund KYC: दोबारा म्यूचुअल फंड केवायसी किसके लिए जरूरी है? यहां विस्तार से जानिए यह पूरा मामला क्या है
अगर आपका केवायसी पहले से वेरिफायड है तो भी आपको एड्रेस प्रूफ के रूप में आधार देना जरूरी है। दूसरे एड्रेस प्रूफ भी वैलिड हैं, लेकिन आधार आधारित केवायसी सबसे फायदेमंद है।

म्यूचुअल फंड का केवायसी अगर आपने अब तक नहीं किया है तो इसे जल्द कर देना ठीक रहेगा। अगर आपका केवायसी पहले से वेरिफायड है तो भी आपको एड्रेस प्रूफ के रूप में आधार देना जरूरी है। दूसरे एड्रेस प्रूफ भी वैलिड हैं, लेकिन आधार आधारित केवायसी सबसे फायदेमंद है, क्योंकि इससे आपको सभी फंड हाउसेज की स्कीम में निवेश करने की सुविधा मिल जाती है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की 5 केवायसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों (केआरए) ने 24 अप्रैल को बताया कि करीब 73 फीसदी केवायसी रिकॉर्ड्स 'केवायसी वैलिडेटेड' हैं। 15 फीसदी केवायसी 'केवायसी रजिस्टर्ड' हैं और बाकी 12 फीसदी 'केवायसी ऑन-होल्ड' हैं।

73 फीसदी का यह डाटा अच्छा दिखता है, लेकिन इनवेस्टर्स, म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूटर्स और इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स को केवायसी वैलिडेशन (KYC Validation) में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में मनीकंट्रोल ने केवायसी से जुड़ी कई खबरें दी हैं। हमने केवायसी के इस पूरे मसले को समझने के लिए पिछले कुछ दिनों में कई डिस्ट्रिब्यूटर्स, एडवायजर्स और फंड हाउस के अधिकारियों से बातचीत की है। मनीकंट्रोल ने यह भी जानने की कोशिश की है कि केवायसी वैलिडेशन में क्या मुश्किल आ रही है और इनवेस्टर्स के लिए वैलिडेशन का सबसे अच्छी तरीका क्या है।

KYC की कुल चार कैटेगरी

जिन निवेशकों का केवायसी 'केवायसी रजिस्टर्ड' कैटेगरी में है उन्हें इसे अपडेट कराना होगा, जिससे यह 'केवायसी वैलिडेटेड' में आ जाए। इससे इनवेस्टर्स उन फंड हाउस की स्कीमों में भी निवेश कर सकते हैं, जिनमें अब तक निवेश नहीं किया है।

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