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New Tax Regime: PMEAC के चेयरमैन Bibek Debroy ने कहा, New Tax Regime इंडिया का फ्यूचर है

पुरानी टैक्स की व्यवस्था में सेक्शन 80सी, 80सीसी1बी, 80डी और 24बी, स्टैंडर्ड डिडक्शन और कुछ दूसरे बेनेफिट का लाभ उठाने पर सालाना 9-10 लाख रुपये इनकम वाले टैक्सपेयर को किसी तरह का टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 09, 2022 पर 1:53 PM
New Tax Regime: PMEAC के चेयरमैन Bibek Debroy ने कहा, New Tax Regime इंडिया का फ्यूचर है
PMEAC के चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने डायरेक्ट टैक्स के बारे में जो बातें बताई हैं, वे उनके व्यक्तिगत विचार हैं। इसे पीएमईएसी की सिफारिशें नहीं मानी जानी चाहिए।

New Tax Regime: सरकार ने 2020 के बजट में इनकम टैक्स की एक नई व्यवस्था (New tax regime) पेश की थी। इसे New Income Tax Regime कहा जाता है। इसमें टैक्स डिडक्शन और एग्जेम्प्शन हटा दिया गया है। लेकिन, टैक्स की दर काफी घटा दी गई है। हालांकि, टैक्सपेयर्स ने इस व्यवस्था में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। लेकिन, प्रख्यात अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय (Bibek Debroy) का मानना है कि यही (New Tax Regime) इंडिया में डायरेक्ट टैक्स का फ्यूचर है। रॉय Minister’s Economic Advisory Council (PMEAC) के चेयरमैन भी हैं।

इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में रॉय ने कहा, "हमें आगे जाकर यह मानना पड़ेगा कि हमारे लिए ऐसा टैक्स सिस्टम जरूरी है, जिसमें किसी तरह का एग्जेम्प्शन नहीं होगा।" New Tax Regime को आए दो साल हो गए हैं, लेकिन अब भी ज्यादातर टैक्सपेयर्स टैक्स की पुरानी व्यवस्था का पालन कर रहे हैं।

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अगर पुरानी टैक्स की व्यवस्था की बात करें तो सेक्शन 80सी, 80सीसी1बी, 80डी और 24बी, स्टैंडर्ड डिडक्शन और कुछ दूसरे बेनेफिट का लाभ उठाने पर सालाना 9-10 लाख रुपये इनकम वाले टैक्सपेयर को किसी तरह का टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार न्यू टैक्स रीजीम का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है तो उसे टैक्स की पुरानी व्यवस्था को खत्म करना होगा या उसके तहत मिलने वाली छूट घटानी पड़ेगी।

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