दूसरी ओर, अगर इंडस्ट्रियल डिमांड को देखें तो एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की अभी भी अच्छी डिमांड है। इसका मुख्य कारण चांदी बनाने वाले देशों में माइनिंग एक्टिविटी का रुकना है, और चांदी की बढ़ती डिमांड भी कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण है। खास तौर पर, चांदी का इस्तेमाल बिजली के सामान बनाने, सोलर पैनल बनाने और डेटा सेंटर बनाने में बड़े पैमाने पर होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे चांदी की भारी डिमांड बढ़ी है। अगर मौजूदा ग्लोबल मार्केट को देखें तो चांदी की अभी भी अच्छी डिमांड है, और एक्सपर्ट्स का कहना है कि भविष्य में चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।