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1 अप्रैल से बदल जाएगा टैक्स का ढांचा, इन दो नियमों से सैलरीड लोगों पर बड़ा असर

Income Tax Rules 2026: अगले वित्त वर्ष 2026 से देश में नया इनकम टैक्स कानून लागू होना है। 1 अप्रैल से इनकम टैक्स रूल्स, 1962 की जगह इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होगा, जो नोटिफाई हो चुका है। इसमें ऐसे नियम हैं जो सैलरीड क्लास पर सीधा असर डालेंगे। यहां जानिए नए रूल्स में क्या हैं और इनका सैलरी टैक्सपेयर्स से लेकर कंपनियों तक पर क्या असर पड़ेगा

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Mar 22, 2026 पर 12:58 PM
1 अप्रैल से बदल जाएगा टैक्स का ढांचा, इन दो नियमों से सैलरीड लोगों पर बड़ा असर

Income Tax Rules 2026: अगले वित्त वर्ष 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स सिस्टम से पहले सरकार ने इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें परक्विजिट टैक्सेशन और एचआरए से जुड़े कुछ अहम बदलाव किए गए हैं तो साथ ही पूरे टैक्स सिस्टम में कंप्लॉयंस यानी अनुपालन को सख्त किया गया है। नए नियमों में टैक्स रेट्स या आधार में बदलाव नहीं किया गया है लेकिन पारदर्शिता, डिजिटल रिपोर्टिंग और सख्त अनुपालन की दिशा में बड़ा कदम हैं। सैलरीड एंप्लॉयीज के लिए इन नियमों के बारे में जान लेना इसलिए काफी अहम है क्योंकि दो बड़े बदलाव सीधे आम टैक्सपेयर्स को प्रभावित करेंगे।

सैलरीड इंडिविजु्ल्स पर किन बदलावों का होगा असर?

एकेएम ग्लोबल के मैनेजिंग पार्टनर अमित माहेश्वरी के मुताबिक दो ऐसे अहम बदलाव हुए हैं, जो इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स पर सीधे असर डालेंगे।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर बड़ी राहत: सरकार ने औपचारिक तौर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) को कंसेशनल परक्विजिट वैल्यूएशन रूल्स में शामिल कर लिया है। इसके तहत अगर कंपनी खर्च का बोझ उठाती है तो हर महीने ₹5000 (साथ में ₹3,000 ड्राइवर के लिए) और अगर एंप्लॉयीज खुद निजी खर्च का बोझ उठा रहा है तो हर महीने ₹2000 (साथ में ₹3,000 ड्राइवर के लिए) का फायदा मिलेगा। इससे पहले परक्विजिट वैल्यूएशन इंजन की क्षमता से जुड़ा था जो ईवी के लिए किसी काम का नहीं था लेकिन अब नए बदलाव से अनिश्चितता खत्म हुई है और कंपेंसेशन पैकेज का अहम टैक्स-एफिसिएंट कंपोनेंट बना है।

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