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MDR लागू होने से पहले ही 1.8% घटे UPI लेनदेन, वैल्यू को भी लगा 1.5% का झटका

UPI लेनदेन में गिरावट का कारण अगस्त में 31 दिन और सितंबर में 30 दिन होना है। सितंबर में प्रतिदिन औसत लेनदेन 80.2 करोड़ रहा, जबकि अगस्त में यह 79.1 करोड़ था। RBI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में IMPS के जरिए 35.40 करोड़ लेनदेन हुए

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Oct 02, 2026 पर 11:58 AM
MDR लागू होने से पहले ही 1.8% घटे UPI लेनदेन, वैल्यू को भी लगा 1.5% का झटका
ये आंकड़े कारोबारियों के लिए अधिक राशि वाले UPI पेमेंट पर MDR लागू होने से करीब दो सप्ताह पहले आए हैं।

UPI के जरिए लेनदेन सितंबर में मासिक आधार पर 1.8 प्रतिशत घटकर 2,407 करोड़ रहा। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा संचालित UPI के जरिए अगस्त में 2,450 करोड़ लेनदेन हुए थे। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में UPI के जरिए लेनदेन की कुल वैल्यू भी 1.50 प्रतिशत घटकर 29.37 लाख करोड़ रुपये रही, जो अगस्त में 29.82 लाख करोड़ रुपये थी।

ये आंकड़े कारोबारियों के लिए अधिक राशि वाले यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से करीब दो सप्ताह पहले आए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि लेनदेन में गिरावट का कारण अगस्त में 31 दिन और सितंबर में 30 दिन होना है। सितंबर में प्रतिदिन औसत लेनदेन 80.2 करोड़ रहा, जबकि अगस्त में यह 79.1 करोड़ था।

बाकी तरह के डिजिटल पेमेंट का हाल

RBI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के जरिए 35.40 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 7.05 लाख करोड़ रुपये रही। RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) प्रणाली के जरिए सितंबर में 3.25 करोड़ लेनदेन हुए। कुल वैल्यू 235.71 लाख करोड़ रुपये रही। वहीं, NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर) के जरिए सितंबर में 86.2 करोड़ लेनदेन हुए और इनकी कुल वैल्यू 46.75 लाख करोड़ रुपये रही।

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