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क्यों लैप्स होती हैं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, कैसे कर सकते हैं रिस्टोर? जानिए पूरी डिटेल

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होना सिर्फ प्रीमियम चूकना नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा खतरे में डालना है। पॉलिसी क्यों लैप्स होती है, लैप्स के बाद क्या होता है और इसे दोबारा कैसे चालू किया जा सकता है, यहां समझिए पूरी तस्वीर।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 3:44 PM
क्यों लैप्स होती हैं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, कैसे कर सकते हैं रिस्टोर? जानिए पूरी डिटेल
ULIP पॉलिसी लैप्स होने पर भी उसमें जमा फंड वैल्यू बनी रहती है।

लाइफ इंश्योरेंस का मकसद परिवार को लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा देना होता है। लेकिन अगर समय पर प्रीमियम नहीं भरा जाए, तो यह सुरक्षा अचानक खत्म हो सकती है।

अक्सर ऐसा व्यस्त दिनचर्या, पैसों की अस्थायी तंगी, मोबाइल या ईमेल अपडेट न होने, या यह सोच लेने की वजह से होता है कि पॉलिसी अपने आप रिन्यू हो जाएगी। प्रीमियम चूकने की ऐसी गलतियां परिवार को उस वक्त बिना सुरक्षा के छोड़ देती हैं, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

लैप्स्ड पॉलिसी क्या होती है

जब तय समय के भीतर इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम नहीं मिलता, तो पॉलिसी लैप्स मानी जाती है। ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां मंथली प्रीमियम पर 15 दिन का ग्रेस पीरियड, क्वार्टरली, हाफ-ईयरली और सालाना प्रीमियम पर 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती हैं। अगर इस अवधि के बाद भी भुगतान नहीं होता, तो पॉलिसी लैप्स हो जाती है और कवरेज पूरी तरह खत्म हो जाता है।

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