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Dol Purnima 2026 Odisha: पुरी में भगवान जगन्नाथ की पालकी आज रात में निकलेगी, जानें क्यों बदला डोल पूर्णिमा का नियम?

Dol Purnima 2026 Odisha: आज हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तिथियों में से एक फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि है। इसी तिथि पर भारत के पूर्वी राज्य ओडिशा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ अपनी पालकी में भ्रमण करते हैं। लेकिन इस साल चंद्र ग्रहण की वजह से मंदिर की इस परंपरा में बदलाव करना पड़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 03, 2026 पर 5:14 PM
Dol Purnima 2026 Odisha: पुरी में भगवान जगन्नाथ की पालकी आज रात में निकलेगी, जानें क्यों बदला डोल पूर्णिमा का नियम?
भगवान आज के दिन 138 आभूषण पहन कर राज राजेश्वर वेश भी धारण करते हैं।

Dol Purnima 2026 Odisha: आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि है, जो हिंदू धर्म की सबसे पवित्र और प्रमुख तिथियों में से एक मानी जाती है। इस पूर्णिमा को वसंत पूर्णिमा और डोल पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देश के पूर्वी राज्य ओडिशा के पुरी में भागवान जगन्नाथ अपनी पालकी पर भ्रमण के लिए निकलते हैं। भगवान आज के दिन 138 आभूषणों वाला राजेश्वर वेश भी धारण करते हैं। लेकिन इस साल, पुरी जगन्नाथ की इस परंपरा के समय में बदलाव करना पड़ा है और ये रात के समय निभाई जाएगी।

आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि है और आज ही इस साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस चंद्र ग्रहण का सूतक आज सुबह लगभग 6 बजे से लग हो चुका है और इसका समापन तकरीबन 7 बजे के आसपास चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद होगा। इसके बाद भगवान जगन्नाथ अपनी डोली में सवार होकर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

देश के पूर्वी राज्यों में आज मनाते हैं डोल पूर्णिमा

आज के दिन को डोल पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसे डोल यात्रा और दोलोत्सव भी कहा जाता है। मुख्य रूप से डोल पूर्णिमा का उत्सव ओडिशा, बंगाल और असम में मनाया जाता है। इसे होली का ही रूप माना जाता है और ये त्योहार भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित होता है।

होली का ही रूप है डोल यात्रा

डोल पूर्णिमा के दिन इनकी भगवान कृष्ण और राधा की मूर्तियों को डोली में रखकर अबीर और गुलाल के साथ जश्न मनाया जाता है। वहीं ओडिशा में जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियों को डोली जैसे झूले में बिठाया जाता है। हिंदू पंचांग के हिसाब से आज यानी 3 मार्च को डोल पूर्णिमा है।

भगवान जगन्नाथ के दिव्य रूप के होते हैं दर्शन

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