Holashtak 2026 ke totke: होली का पर्व रंगों और खुशियों के लिए जाना जाता है। लेकिन इससे आठ दिन पहले ही अवधि को किसी भी शुभ या नया काम करने के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इसकी शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है और होलिका दहन के साथ ये समय खत्म हो जाता है। इसे होलाष्टक कहते हैं, जो कल 24 फरवरी से शुरू होने वाला है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों का उल्लेख भक्त प्रह्लाद और उनके पिता राक्षसराज हिरण्यकश्यप की कहानी में मिलता है।
