Kumbha Sankranti 2026: हिंदू धर्म में संक्रांति को सूर्य के राशि परिवर्तन के रूप में माना जाता है। सूर्य प्रत्यक्ष देव हैं, इसलिए इनकी पूजा और व्रत का बहुत महत्व है। सूर्य ग्रहों के राजा भी हैं, इसलिए ज्योतिष शस्त्र में भी अहम स्थान रखते हैं। ये ग्रह एक राशि में लगभग 30 दिनों तक रहता है और इसके बाद ये दूसरी राशि में प्रवेश करता है। सूर्य के राशि परिवर्तन को ही संक्रांति कहा जाता है। यूं तो ये एक खगोलीय घटना है, जो सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने का प्रतीक है। लेकिन इसका धार्मिक महत्व भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य का मकर राशि से कुंभ राशि में जाना सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि पूरे भारत में भक्तों के लिए, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी इलाकों में, एक बहुत ही शुभ दिन है, जहां यह फाल्गुन महीने की शुरुआत का संकेत देता है।
