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Mahashivratri 2026 Upay: शादी में आ रही है रुकावट तो इस महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये उपाय, जानें व्रत की सही तारीख और मुहूर्त

Mahashivratri 2026 Upay: महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के बेहद महत्वपूर्ण पर्व और व्रत में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन कुछ उपाया करने से शादी में आ रही अड़चनों से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानें इनके बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 28, 2026 पर 7:10 PM
Mahashivratri 2026 Upay: शादी में आ रही है रुकावट तो इस महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये उपाय, जानें व्रत की सही तारीख और मुहूर्त
महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

Mahashivratri 2026 Upay: महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू पंचांग की यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है और इसे दुनियाभर के शिव भक्त बहुत आस्था और उल्लास के साथ मनाते हैं। इस भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और उपवास करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। शिवलिंग को सृष्टि का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि यह मन, चेतना, बुद्धि, आत्मा, माया, परम सत्य, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के मिलन से बनता है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि की रात को की गई पूजा और आध्यात्मिक साधना को बहुत फलदायी माना जाता है। यह भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती है। एक पौराणिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इसीलिए महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों से शिव की शोभायात्रा निकाली जाती है।

2026 में महाशिवरात्रि की तारीख

ऋषिकेश पंचांग के अनुसार, 2026 में फाल्गुन महीने की कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी 2026 को शाम 5:34 बजे समाप्त होगी। आम तौर पर, हिंदू त्योहार उदयातिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि का निर्धारण निशिता काल के दौरान चतुर्दशी की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। चूंकि 15 फरवरी की रात को निशिता काल के दौरान चतुर्दशी रहेगी, इसलिए महाशिवरात्रि रविवार, 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।

महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का प्रभाव रहेगा। भद्रा काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की सलाह नहीं दी जाती है। भद्रा 15 फरवरी को शाम लगभग 5:04 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी को सुबह लगभग 5:23 बजे समाप्त होगी।

श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग

इस साल महाशिवरात्रि के अवसर पर एक विशेष और शुभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। 15 फरवरी 2026 को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शाम 7:48 बजे तक रहेगा, जिसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। शास्त्रों में, श्रवण नक्षत्र को भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

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