Mangal Shani Yuti 2026: मंगल और शनि दोनों ग्रहों को ज्योतिष शास्त्र के आक्रामक ग्रहों के रूप में जाना जाता है। मंगल जहां पराक्रम और वीरता के कारक माने जाते हैं, वहीं शनि देव को ग्रहों का दंडाधिकारी माना जाता है। इन दोनों ग्रहों का जातक की कुंडली में खास स्थान होता है। इनके स्थान बदलने का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। ये दोनों ग्रह जब एक साथ आते हैं, तो कुछ राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचाते हैं।
