हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है, लेकिन इनमें से सबसे कठिन और विशेष व्रत है – निर्जला एकादशी। ये व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है, जब भीषण गर्मी अपने चरम पर होती है। ‘निर्जला’ का अर्थ है बिना जल के, और इस दिन व्रती को अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करना होता है। यही कारण है कि ये व्रत अत्यधिक कठोर और तपस्वी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक केवल निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे वर्ष की सभी 24 एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है।
