वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2025 में यह पावन पर्व 29 अप्रैल को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। परशुराम जयंती का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्तगण भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें तिलक, पुष्प और पंचामृत अर्पित करते हैं तथा खास प्रकार के भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और वह सभी प्रकार के दुखों और कष्टों से मुक्ति पा सकता है। परशुराम जी को न्याय, शौर्य और तपस्या का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अनेक यज्ञ किए और अत्याचारियों का संहार किया।
