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Phalgun Month 2026: आज से शुरू हुआ भगवान शिव और श्री कृष्ण की कृपा पाने वाला माह, आइए जानें हिंदू कैलेंडर के अंतिम माह में आने वाले व्रत और त्योहार

Phalgun Month 2026: भगवान शिव और श्री कृष्ण की कृपा पाने वाला फाल्गुन का महीना आज से शुरू हो गया है। इसे हिंदू कैलेंडर के अंतिम के रूप में जाना जाता है। इस माह में कुछ खास काम नहीं करना चाहिए। आइए जानें फाल्गुन माह के नियम और इस माह आने वाले व्रत और त्योहार

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 02, 2026 पर 4:21 PM
Phalgun Month 2026: आज से शुरू हुआ भगवान शिव और श्री कृष्ण की कृपा पाने वाला माह, आइए जानें हिंदू कैलेंडर के अंतिम माह में आने वाले व्रत और त्योहार
इस माह में महाशिवरात्रि और होली का पर्व आते हैं।

Phalgun Month 2026: हिंदू वर्ष के समापन का समय आ गया है। हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना, यानी फाल्गुन का माह आज से शुरू हो गया है। भगवान शिव और श्री कृष्ण को समर्पित इस माह को इन दोनों का आशीर्वाद पाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस माह में महाशिवरात्रि और होली का पर्व आते हैं। वसंत ऋतु को समर्पित इस माह में सर्दियों का मौसम विदा होना शुरू हो जाता है। दिन थोड़े हल्के और रात कुछ कम तीखी लगती हैं। रंगों और सौंदर्य से भरपूर इस माह में मौसम बहुत खुशनुमा रहता है।

शास्त्रों में इसे जप, तप, दान और संयम का समय माना गया है। इस महीने में सात्विक जीवनशैली अपनाने से विशेष पुण्य मिलता है, लेकिन कुछ कार्यों से बचना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं फाल्गुन माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

फाल्गुन माह में भूलकर भी ना करें ये काम

फाल्गुन मास में कुछ कार्यों से बचना चाहिए, क्योंकि ये पुण्य को कम कर सकते हैं।

होलाष्टक में मांगलिक कार्य - होली से आठ दिन पहले होलाष्टक लगते हैं। इन्हें शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, जनेऊ आदि संस्कार नहीं करने चाहिए। होलाष्टक में किए गए शुभ कार्यों में बाधा आ सकती है।

तामसिक भोजन का सेवन - मांस, मदिरा, अंडा, प्याज, लहसुन और तामसिक आहार से पूरी तरह परहेज करें। यह महीना मन और शरीर की शुद्धि का है। तामसिक भोजन से मानसिक अशांति और नकारात्मकता बढ़ सकती है।

क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार - फाल्गुन में क्रोध, घमंड और ईर्ष्या से दूर रहें। ये भावनाएं साधना में बाधा डालती हैं और पुण्य को कम करती हैं। संयम और विनम्रता अपनाएं।

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