Rangbhari Ekadashi 2026: आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का व्रत किया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन देवाधिदेव भगवान शिव माता पार्वती से शादी के बाद गौना के बाद पहली बार अपनी प्रिय नगरी काशी पहुंचे थे। यहां भक्तों ने अबीर-गुलाल उड़ा कर धूमधाम से उनका स्वागत किया था। इसलिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज के दिन में शिव भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते हुए शिव-गौरा की दिव्य झांकी निकालते हैं। इस साल शिव-गौरा केरलम और गुजराती परिधानों और भी दिव्य नजर आएंगे। काशी की नगरी आज भारत की सांस्कृति विविधता, प्राचीन परंपरा और इतिहास की एक बार फिर साक्षी बनेगी।
