लड्डू गोपाल की छठी का पर्व भक्तों के लिए गहरी आस्था और उल्लास का अवसर होता है। जन्माष्टमी के छठे दिन मनाया जाने वाला यह उत्सव बाल स्वरूप श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। जैसे नवजात शिशु के जन्म के बाद परिवार में छठी का संस्कार मनाया जाता है, वैसे ही भक्तजन लड्डू गोपाल की छठी को विशेष विधि-विधान से संपन्न करते हैं। इस दिन भगवान को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं, शृंगार किया जाता है और सात्विक भोजन का भोग अर्पित किया जाता है। खासकर कढ़ी चावल का भोग लगाना परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना गया है।
