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Laddu Gopal Chatti: जानिए क्यों लड्डू गोपाल की छठी पर कढ़ी चावल लगाना है जरूरी!

Laddu Gopal Chatti: लड्डू गोपाल की छठी जन्माष्टमी के छठे दिन बड़े उत्साह से मनाई जाती है। बाल स्वरूप भगवान कृष्ण को स्नान, शृंगार और विशेष रूप से कढ़ी चावल का भोग अर्पित किया जाता है। ये पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सात्विकता और पाचन शक्ति बढ़ाने वाले भोजन को महत्व देने की परंपरा भी दर्शाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2025 पर 9:39 AM
Laddu Gopal Chatti: जानिए क्यों लड्डू गोपाल की छठी पर कढ़ी चावल लगाना है जरूरी!
Laddu Gopal Chatti: हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी संस्कार शामिल है।

लड्डू गोपाल की छठी का पर्व भक्तों के लिए गहरी आस्था और उल्लास का अवसर होता है। जन्माष्टमी के छठे दिन मनाया जाने वाला यह उत्सव बाल स्वरूप श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। जैसे नवजात शिशु के जन्म के बाद परिवार में छठी का संस्कार मनाया जाता है, वैसे ही भक्तजन लड्डू गोपाल की छठी को विशेष विधि-विधान से संपन्न करते हैं। इस दिन भगवान को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं, शृंगार किया जाता है और सात्विक भोजन का भोग अर्पित किया जाता है। खासकर कढ़ी चावल का भोग लगाना परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना गया है।

दही और बेसन से बनी ये सात्विक भोग न केवल भगवान को प्रिय है बल्कि इसे शुद्धता और पाचन शक्ति बढ़ाने वाला भोजन माना जाता है। यह पर्व आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है।

जन्माष्टमी के छठे दिन मनती है छठी

लड्डू गोपाल की छठी उनके जन्म (जन्माष्टमी) के छठे दिन मनाई जाती है। इस वर्ष जन्माष्टमी 16 अगस्त को थी, इसलिए 21 अगस्त को छठी का पर्व होगा। इस दिन बाल गोपाल को स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और काजल से शृंगार कर उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाता है।

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