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Ishan Kishan: ईशान किशन 2.0...दो साल बाद यूं ही नहीं हुई टीम इंडिया में एंट्री, जानें कैसे मिला मौका

T20 World Cup 2026: 27 साल के ईशान किशन ने हार नहीं मानी। उन्होंने न तो आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान दिया और न ही खुद को सही साबित करने की कोशिश में उलझे। इसके बजाय उन्होंने अपने खेल में समझदारी और ज़िम्मेदारी लाने पर फोकस किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 20, 2025 पर 6:07 PM
Ishan Kishan: ईशान किशन 2.0...दो साल बाद यूं ही नहीं हुई टीम इंडिया में एंट्री, जानें कैसे मिला मौका
ईशान किशन का 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में वापसी हुई है।

ईशान किशन का 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में लौटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतासिर्फ एक साल पहले तक यह सोचना भी मुश्किल था कि वह फिर से भारत की जर्सी पहन पाएंगेएक समय ईशान किशन को भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी का जोशीला चेहरा माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे उनका नाम टीम चयन की चर्चाओं से गायब होने लगाऐसा लगने लगा था कि टीम इंडिया अब उनके बिना ही आगे बढ़ चुकी है।

लेकिन 27 साल के ईशान किशन ने हार नहीं मानी। उन्होंने न तो आलोचनाओं पर ज्यादा ध्यान दिया और न ही खुद को सही साबित करने की कोशिश में उलझे। इसके बजाय उन्होंने अपने खेल में समझदारी और ज़िम्मेदारी लाने पर फोकस किया। जो खिलाड़ी पहले सिर्फ अपने अंदाज और instinct पर खेलता था, उसने अब खुद को ऐसा खिलाड़ी बनाने की दिशा में काम किया, जिस पर दबाव भरे हालात में भी भरोसा किया जा सके। यही बदलाव उनकी वापसी की सबसे बड़ी वजह बना।

कैसे की ईशान किशन ने वापसी

कुछ समय तक ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम उनसे आगे बढ़ चुकी है, और शायद वह खुद भी टीम इंडिया से दूर होते जा रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगीं। लोग सवाल उठाने लगे कि क्या मानसिक थकान सिर्फ एक बहाना थी, क्या उनका स्वभाव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए ठीक है, और क्या वे अपनी प्रतिभा को बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन इन सभी चर्चाओं से दूर, टीवी डिबेट और सोशल मीडिया की हलचल से अलग, ईशान किशन चुपचाप खुद पर काम कर रहे थे। वे सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी खुद को बेहतर बनाने में लगे थे।

उनकी वापसी को किसी बड़े ड्रामे या चमकदार हाइलाइट्स से नहीं जोड़ा जा सकता। यह वापसी छोटे लेकिन मजबूत फैसलों से बनी हैखुद पर दोबारा सोचने से, अनुशासन अपनाने से और मानसिक तौर पर मज़बूत बनने से। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि हर कमबैक शोर-शराबे वाला नहीं होता। कई बार सबसे सच्ची और टिकाऊ वापसी चुपचाप, धैर्य और समझदारी के साथ होती है।

ईशान किशन 2.0

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