हिंदू रीति-रिवाजों से होने वाली शादी में सिंदूर कितना महत्वपूर्ण है, ये हम सभी जानते हैं। सोचिए शादी में अगर दूल्हा सिंदूर लाना ही भूल जाए तो क्या होगा ? ये घटना किसी और दौर में हुई होती, तो जरूर हंगामा मच गया होता। लेकिन आज के क्विक कॉमर्स कंपनियों के युग में कोई भी छोटी से छोटी या बड़ी से बड़ी चीज हो, उसके लिए आपको बस 15 मिनट ही इंतजार करना है। इसलिए शादी जैसे बेहद संवेदनशील मौके पर दूल्हे का सिंदूर लाना भूल जाने पर कोई बखेड़ा नहीं हुआ। गलती का एहसास होते ही दूल्हे राजा फटाफट ब्लिंकिट महाराज की शरण में पहुंचे और सिंदूर ऑर्डर कर दिया। उतनी देर के लिए शादी की रस्मों को रोकना पड़ा। लेकिन ब्लिंकिट ने सही मायनों में संकटमोचन बन कर शादी के बंधन में बंधने जा रहे जोड़े की बात को संभाल लिया। ऑर्डर के कुछ ही मिनटों के भीतर सिंदूर डिलीवर कराकर समय से सिंदूर कराने में ब्लिंकिट का बहुत अहम रोल रहा।
