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Delhi Heatwave: 'चक्कर-घबराहट और हाई ब्लड प्रेशर...'; दिल्ली की झुग्गियों में गर्भवती महिलाओं पर प्रचंड गर्मी की मार

Delhi weather forecast: दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाली गर्भवती महिलाएं राष्ट्रीय राजधानी में 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाते तापमान की सबसे अधिक मार झेल रही हैं। 38 सप्ताह की गर्भवती रेखा ने बताया कि उन्हें रात में हीटवेव की वजह से सोने में काफी दिक्कत होती है। गर्मी और उमस से परेशानी और बढ़ जाती है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 19, 2026 पर 2:59 PM
Delhi Heatwave: 'चक्कर-घबराहट और हाई ब्लड प्रेशर...'; दिल्ली की झुग्गियों में गर्भवती महिलाओं पर प्रचंड गर्मी की मार
Delhi weather forecast: दिल्ली में झुग्गी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं पर हीटवेव का सबसे अधिक प्रभाव है (फोटो- AI)

Delhi weather forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस वक्त प्रचंड गर्मी पड़ रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने लगा है। इसका सबसे ज्यादा असर झुग्गी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। इनमें चक्कर आना, बेचैनी, रातभर नींद न आना, सांस फूलना और हाई ब्लड प्रेशरप जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं। दक्षिणपुरी के संजय कैंप में रहने वाली 38 सप्ताह की गर्भवती रेखा ने बताया कि वह रात में ठीक से सो नहीं पातीं। बार-बार नींद खुल जाती है क्योंकि गर्मी, उमस और गर्भावस्था की तकलीफों के कारण चैन से लेटना मुश्किल हो जाता है।

रेखा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "मुझे अक्सर घबराहट होती है और नींद नहीं आती। गर्मी और उमस से परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार सांस लेने में भी दिक्कत होती है। लेकिन डॉक्टर के पास जाना हमारे लिए आसान नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "इतनी गर्मी में मैं पंखे के नीचे बैठकर थोड़ा आराम पाने की कोशिश कर सकती हूं।" रेखा अपने पति के साथ टिन की छत वाले छोटे और तंग कमरे में रहती हैं।

उन्होंने बताया कि जब भी वह परेशानी बताती हैं, लोग घर बदलने की सलाह देते हैं। लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति इसकी इजाजत नहीं देती। दक्षिणपुरी के मिनी सुभाष कैंप में रहने वाली 29 सप्ताह की गर्भवती शबनम ने कहा, "लगातार बेचैनी रहती है। दूसरी तिमाही (सेकेंड ट्राइमेस्टर) से ही मेरी नींद बहुत कम हो गई है।"

शबनम ने बताया, "पिछले हफ्ते अचानक गर्मी और उमस बहुत बढ़ गई। मुझे बार-बार सिरदर्द, घबराहट और सांस फूलने की शिकायत होने लगी।" मिनी सुभाष कैंप की ही 28 वर्षीय आयशा ने भी यही चिंता जताई। वह गर्भावस्था के तीसरे चरण (थर्ड ट्राइमेस्टर) में है। उन्होंने कहा, "रात के दो-तीन बजे तक गर्मी कम नहीं होती, तब तक सोना नामुमकिन है।" रेखा और शबनम की तरह आयशा भी गर्मी और उमस के कारण बेचैनी और तनाव से जूझ रही हैं।

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