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Micromoon May 2026: आकाश प्रेमियों के लिए खास होने वाला है मई का महीना, माइक्रोमून के साथ ब्लू मून से सजेगा आकाश

Micromoon May 2026: मई का महीना खगोल प्रेमियों के लिए बहुत खास संयोग लेकर आने वाला है। साल 2026 में मई के महीने में माइक्रोमून के साथ ब्लूमून का नजारा देखने को मिलेगा। आइए जानें चंद्रमा के ये दोनों कौने से प्रकार हैं और इन्हें कब और कैसे देख सकेंगे खगोल प्रेमी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 28, 2026 पर 9:29 PM
Micromoon May 2026: आकाश प्रेमियों के लिए खास होने वाला है मई का महीना, माइक्रोमून के साथ ब्लू मून से सजेगा आकाश
आकाश प्रेमियों को मई में माइक्रोमून के साथ ब्लूमून का दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा।

Micromoon May 2026: साल 2026 का चौथा महीना अप्रैल खत्म होने वाला। इसके बाद शुरू होगा पांचवां महीना मई का। ये महीना खगोल प्रेमियों के लिए किसी यादगार तोहफे से कम नहीं होगा। इस महीने में एक बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो कई दशकों में एक बार बनता है। इस महीने में चंद्रमा का रूप कुछ अलग और निराला नजर आएगा। आकाश प्रेमियों को मई में माइक्रोमून के साथ ब्लूमून का दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा। इसमें एक नजारा तो आपसे बस चंद दिन दूर है। आइए जानें चंद्रमा का ये रूप क्या है और इसका ये नाम क्यों पड़ा?

क्या है माइक्रोमून?

जैसा कि नाम से ही समझ आ रहा है, माइक्रोमून का संबंध चंद्रमा के सबसे छोटे स्वरूप से है। यह पूर्णिमा का चांद होता है, लेकिन इस समय धरती से इसकी दूरी इतनी अधिक होती है कि ये सामान्य से बहुत छोटा नजर आता है। यह तो सभी जानते हैं कि चंद्रमा धरती के चारों ओर चक्कर (ऑर्बिट) लगाता है। लेकिन चांद का ऑर्बिट एक पूर्ण गोलाकार यानी परफेक्ट सर्कल नहीं है। इसलिए हर महीने चांद का एक सबसे पास का पॉइंट (perigee) और एक सबसे दूर का पॉइंट (apogee) होता है। जब पूर्णिमा के दिन धरती से चंद्रमा सबसे दूर स्थित होता है, तो वह माइक्रोमून होता है। इस अवस्था में चंद्रमा की रोशनी भी आम पूर्णिमा के मुकाबले कुछ कम होती है।

कब है माइक्रोमून?

फ्रेड एस्पेनक की एस्ट्रोपिक्सल्स वेबसाइट के अनुसार 2026 में 1 मई को फ्लावर मून के साथ माइक्रोमून होगा। इसके अलावा मई का अंत भी एक माइक्रोमून के साथ होगा। Timeanddate.com के अनुसार 30-31 मई को ब्लू मून के साथ एक माइक्रोमून भी होगा। 01 मई की पूर्णिमा को जहां चंद्रमा धरती से 402,000 किमी दूर होगा, वहीं 30-31 मई की पूर्णिमा पर साल 2026 में यह धरती से सर्वाधिक दूर होगा। इस दिन इसकी दूरी 406,135 किलोमीटर होगी। चांद की धरती से औसत दूरी 384,472 किलोमीटर है।

क्या है ब्लू मून?

माइक्रोमून जहां एक खगोलीय घटना है, वहीं ब्लूमून के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है। न ही इस दिन चांद का रंग नीला होता है। दरअसल, 1946 में स्काई एंड टेलिस्कोप मैगज़ीन के एक आर्टिकल में एक कैलेंडर माह में पड़ने वाले दो पूर्णिमा के लिए ब्लू मून शब्द का इस्तेमाल हुआ था। ओल्ड फार्मर्स अल्मनैक के अनुसार, गलती से दी गई यह परिभाषा बाद में भी बनी रही।

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