Get App

₹1.75 करोड़ का लोन बन गया ₹147 करोड़ की देनदारी! मस्क को भी कंगाल कर दे, ऐसा था ब्याज का हिसाब

एक व्यक्ति का ₹1.75 करोड़ का लोन था। यह कुछ ही साल में ₹147 करोड़ की देनदारी बन गया। हाई कोर्ट ने इस हैरान करने वाले कर्ज मामले में दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है। जानिए कैसे इतना बढ़ गई लोन की रकम और क्यों जज ने इस पर सख्त टिप्पणी की।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Dec 30, 2025 पर 9:16 PM
₹1.75 करोड़ का लोन बन गया ₹147 करोड़ की देनदारी! मस्क को भी कंगाल कर दे, ऐसा था ब्याज का हिसाब
कर्ज का बोझ इतना बढ़ गया कि व्यक्ति को जुलाई 2016 में अपना घर बेचना पड़ा।

सिंगापुर में कर्ज का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ आम लोगों को बल्कि अदालत को भी हैरान कर दिया। एक व्यक्ति ने सिर्फ S$2.5 लाख (करीब ₹1.75 करोड़) का लोन लिया था, लेकिन समय के साथ यह रकम बढ़कर S$2.1 करोड़ (लगभग ₹147 करोड़) हो गई। इस मामले की जानकारी The Straits Times की रिपोर्ट में सामने आई है।

2010 में लिया गया लोन, शर्तें थीं बेहद सख्त

इस व्यक्ति ने साल 2010 में एक लाइसेंस प्राप्त मनीलेंडर से लोन लिया। लोन पर हर महीने 4% ब्याज तय था। अगर किस्त समय पर नहीं दी जाती, तो उस पर 8% मंथली लेट पेमेंट ब्याज लगता था। इसके अलावा, हर महीने S$2,500 का अलग से लेट-पेमेंट प्रोसेसिंग चार्ज भी लिया जाता था। इन शर्तों का मतलब था कि अगर जरा भी देरी हुई, तो कर्ज तेजी से बढ़ता चला जाएगा।

जैसे कि लोन का सालाना ब्याज 48% था। किस्त चूकने का मतलब था कि सालाना ब्याज बढ़कर 96% हो जाता। इसका मतलब कि अगर 1 करोड़ रुपये का लोन है, तो किस्त चूकने पर उसका 1 साल में ब्याज ही करीब 1 करोड़ रुपये हो जाता। मतलब था कि ब्याज का हिसाब ऐसा था कि लोन लेने के बाद कुछ साल में दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलॉन मस्क भी कंगाल हो जाएं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें