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Monsoon: केरल पहुंचा मानसून, 16 साल में पहली बार सबसे जल्दी; गोवा के लिए रेड अलर्ट जारी

Monsoon: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अप्रैल में इस साल मानसून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था, जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 24, 2025 पर 1:36 PM
Monsoon: केरल पहुंचा मानसून, 16 साल में पहली बार सबसे जल्दी; गोवा के लिए रेड अलर्ट जारी
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिमी मानसून 1 जून तक केरल में एंट्री करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है।

दक्षिण-पश्चिमी मानसून उम्मीद से पहले ही शनिवार को केरल पहुंच गया। यह 2009 के बाद से इसका सबसे जल्दी आगमन है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी शेयर की है। मानसून साल 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिमी मानसून 1 जून तक केरल में एंट्री करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है। 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत से इसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्टूबर तक यह पूरी तरह से वापस चला जाता है।

IMD के आंकड़ों के अनुसार, मानसून केरल में पिछले साल 30 मई को, 2023 में 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को, और 2018 में 29 मई को पहुंचा था।

देश के अन्य हिस्सों में भी जल्दी पहुंचने की गारंटी नहीं

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस बारे में एक अधिकारी ने कहा कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी उसी तरह पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह कई तरह के वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय कारकों से तय होता है। IMD ने अप्रैल में इस साल मानसून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था, जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है।

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