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‘पहले गोली चलाओ, फिर सवाल पूछो’, US की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए सैनिकों को दिया आदेश

ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका या तो ग्रीनलैंड को खरीद सकता है या फिर डेनमार्क के मना करने पर उसे अपने कब्जे में ले सकता है। व्हाइट हाउस ने भी माना है कि इस मुद्दे पर सैन्य विकल्प पर विचार किया जा रहा है

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 10:47 PM
‘पहले गोली चलाओ, फिर सवाल पूछो’, US की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए सैनिकों को दिया आदेश
Greenland: US की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए सैनिकों को दिया आदेश

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच चल रहा विवाद अब एक बड़े कूटनीतिक संकट में बदल गया है। डेनमार्क ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने का विचार फिर से सामने रखा है।

ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका या तो ग्रीनलैंड को खरीद सकता है या फिर डेनमार्क के मना करने पर उसे अपने कब्जे में ले सकता है। व्हाइट हाउस ने भी माना है कि इस मुद्दे पर सैन्य विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर ग्रीनलैंड पर हमला हुआ, तो डेनमार्क की सेना बिना किसी आदेश का इंतजार किए तुरंत जवाब देगी। सेना के नियमों के अनुसार, किसी भी हमले की स्थिति में सैनिक तुरंत मोर्चा संभालने के लिए तैयार हैं।

आगे कहा, "ग्रीनलैंड पर हमले की स्थिति में डेनिश सैनिक आदेशों का इंतजार नहीं करेंगे। शीत युद्ध के दौरान लागू सैन्य नियमों के अनुसार, सैनिक बिना किसी ऑर्डर का इंतजार किए किसी भी हमले को विफल करने के लिए तुरंत कार्रवाई करने को तैयार हैं।

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