वित्त वर्ष 2023 की तरह ही हमें वित्त वर्ष 2024 में भी बढ़ती महंगाई, जियोपोलिटिकल तनाव और कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ में अनिश्चितता जैसी समस्याओं की सामना करना पड़ेगा। ऐसा लगता है कि महंगाई अब अपने चरम पर पहुंच गई है, अब इसमें और बढ़त नहीं होगी। इसी तरह ब्याज दरें भी चरम पर पहुंच चुकी हैं। अब यहां से इनमें गिरावट आना कुछ समय की ही बात है। अगर यहां से महंगाई और ब्याज दरों में गिरावट आती है तो ये इक्विटी मार्केट के लिए अच्छा संकेत होगा
अपडेटेड Apr 21, 2023 पर 03:47 PM