इकोनॉमिक ग्रोथ में इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा हाथ रहा है। कोविड के बाद अनिश्चितता बढ़ने की वजह से प्राइवेट सेक्टर के पूंजीगत खर्च में कमी देखने को मिली। फिर सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने का फैसला किया। सरकार ने यूनियन बजट में कैपिटल इनवेस्टमेंट बढ़ाने का ऐलान किया। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बने और इकोनॉमी की ग्रोथ को भी बढ़ावा मिला। रोजगार के नए मौके बनने से कंजम्प्शन भी बढ़ा।
