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Budget 2026-2027: निर्मला सीतारमण पूंजीगत खर्च 17 फीसदी बढ़ाने का कर सकती हैं ऐलान, ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसका असर पड़ा है। सीमेंट, स्टील और डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे ग्रीनफील्ड सेक्टर्स में अच्छा प्राइवेट इनवेस्टमेंट हो रहा है, लेकिन एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर्स में प्राइवेट इनवेस्टमेंट सुस्त बना हुआ है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 1:58 PM
Budget 2026-2027: निर्मला सीतारमण पूंजीगत खर्च 17 फीसदी बढ़ाने का कर सकती हैं ऐलान, ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा
रेटिंग एजेंसी ICRA का मानना है कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च का टारगेट बढ़ाकर 13.10 लाख करोड़ करेगी।

इकोनॉमिक ग्रोथ में इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा हाथ रहा है। कोविड के बाद अनिश्चितता बढ़ने की वजह से प्राइवेट सेक्टर के पूंजीगत खर्च में कमी देखने को मिली। फिर सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने का फैसला किया। सरकार ने यूनियन बजट में कैपिटल इनवेस्टमेंट बढ़ाने का ऐलान किया। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बने और इकोनॉमी की ग्रोथ को भी बढ़ावा मिला। रोजगार के नए मौके बनने से कंजम्प्शन भी बढ़ा।

बजट में पूंजीगत खर्च पर सरकार का फोकस बना रहेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इंडिया में रिफॉर्म्स की रफ्तार बढ़ रही है। इसमें निवेश बढ़ाने पर सरकार के फोकस और डिमांड को बढ़ावा देने वाली पॉलिसीज का हाथ है...।" इससे पता चलता है कि Union Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पूंजीगत खर्च पर सरकार का फोकस बना रहेगा।

एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर्स में पूंजीगत खर्च सुस्त

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