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Union Budget 2026: सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट ज्यादा बढ़ाने की उम्मीद कम

केंद्र सरकार ने FY26 के लिए पूंजीगत खर्च का 11.21 लाख करोड़ रुपये का टारगेट रखा था। यह FY25 में 10.52 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च (एक्चुअल) से 6.6 फीसदी ज्यादा है। FY25 में पूंजीगत खर्च जीडीपी का 3.2 फीसदी था। FY24 में यह जीडीपी का 3.1 फीसदी और FY23 में जीडीपी का 2.8 फीसदी था

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2025 पर 6:04 PM
Union Budget 2026: सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट ज्यादा बढ़ाने की उम्मीद कम
FY26 में सरकार ने बाजार से कर्ज के लिए 14.72 लाख करोड़ रुपये का टारगेट रखा है।

सरकार के यूनियन बजट 2026 में कैपिटल एक्सपेंडिचर में ज्यादा इजाफा करने की उम्मीद कम है। कैपिटल एक्सपेंडिचर में ज्यादा इजाफा करने से सरकार को ज्यादा कर्ज लेना पड़ेगा, जो इकोनॉमी के लिए ठीक नहीं है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के तीन अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। पहले अधिकारी ने बताया कि सरकार अगले बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को जीडीपी का 3.2 फीसदी रख सकती है। यह मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (20225-26) के 3.1 फीसदी से थोड़ा ज्यादा होगा।

पूंजीगत खर्च एक सीमा से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता

फाइनेंस मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारी ने बताया, "पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) कितना बढ़ाया जा सकता है, इसकी एक लिमिट है। सरकार का निवेश पहले से मैक्सिमम लेवल पर है। इसके बाद सरकार को बाजार से काफी उधार लेना पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च मौजूदा लेवल से बढ़ाने का असर प्राइवेट इनवेस्टमेंट पर पड़ेगा, जो ठीक नहीं है। अब प्राइवेट इनवेस्टमेंट बढ़ने के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। इकोनॉमी की स्थिति अनुकूल है।

FY26 में पूंजीगतखर्च का टारगेट 11.21 लाख करोड़

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