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West Bengal: शांतनु ठाकुर के बयान के बाद मतुआ समाज में उबाल, 5 जनवरी को बंगाल बंद का किया आह्वान

रविवार (28 दिसंबर) को ठाकुरनगर स्थित ठाकुरबाड़ी में अखिल भारतीय मतुआ महासंघ की एक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद महासंघ के महासचिव सुकेश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाकाबंदी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर मतुआ समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा

Suresh Kumarअपडेटेड Dec 28, 2025 पर 11:18 PM
West Bengal: शांतनु ठाकुर के बयान के बाद मतुआ समाज में उबाल, 5 जनवरी को बंगाल बंद का किया आह्वान
West Bengal: शांतनु ठाकुर के बयान के बाद मतुआ समाज में उबाल, 5 जनवरी को बंगाल बंद का किया आह्वान

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतुआ समुदाय को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। ठाकुरबाड़ी में हुई झड़प और SIR में मतुआ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका के बीच अब ममता ठाकुर के मतुआ महासंघ ने आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है।

अखिल भारतीय मतुआ महासंघ की ओर से 5 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे पूरे पश्चिम बंगाल में नाकाबंदी का आह्वान किया गया है। यह नाकाबंदी ठाकुरबाड़ी में मतुआ समर्थकों पर हुए कथित हमले और SIR प्रक्रिया के दौरान मतुआ समुदाय के वोट बाहर किए जाने के विरोध में की जा रही है।

रविवार (28 दिसंबर) को ठाकुरनगर स्थित ठाकुरबाड़ी में अखिल भारतीय मतुआ महासंघ की एक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद महासंघ के महासचिव सुकेश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाकाबंदी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर मतुआ समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

दरअसल, विवाद की जड़ केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि, "अगर एक लाख मतुआ वोट नहीं दे पाते और उससे 50 लाख घुसपैठियों को रोका जा सके, तो हमें इसे स्वीकार करना होगा।"

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