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'मैं सिर्फ पार्टी का एक कार्यकर्ता बनकर रहना चाहता हूं', मुख्यमंत्री की कुर्सी और पावर शेयरिंग पर डीके शिवकुमार का बड़ा बयान

DK Shivakumar: सिद्धारमैया और उनके बीच ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले समझौते पर पूछे गए सवाल को उन्होंने चतुराई से टाल दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच क्या बातचीत हुई, मैं उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता'

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 10:33 AM
'मैं सिर्फ पार्टी का एक कार्यकर्ता बनकर रहना चाहता हूं', मुख्यमंत्री की कुर्सी और पावर शेयरिंग पर डीके शिवकुमार का बड़ा बयान
कैबिनेट विस्तार वाले सवाल पर उन्होंने गेंद मुख्यमंत्री के पाले में डाल दी और कहा कि इसके लिए सीएम सिद्धारमैया ही सही व्यक्ति हैं

DK Shivakumar: कर्नाटक की राजनीति में 'पावर शेयरिंग' और मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही अटकलों के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का एक बड़ा बयान आया है। दिल्ली के कर्नाटक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए पद और पावर से ज्यादा 'पार्टी कार्यकर्ता' की पहचान मायने रखती है। पिछले 45 सालों से कांग्रेस के लिए पसीना बहाने वाले शिवकुमार ने टीम वर्क पर जोर देते हुए नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया।

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह भी पूरे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो शिवकुमार ने सधे हुए अंदाज में जवाब देते हुए कहा, 'मैंने 1980 से पार्टी के लिए बिना रुके काम किया है। मैंने 45 साल इस संगठन को दिए हैं। सत्ता और पद से कहीं ज्यादा, मैं हमेशा एक पार्टी कार्यकर्ता बनकर ही रहना चाहूंगा।'

पावर शेयरिंग और 'ढाई-ढाई साल' का फॉर्मूला

सिद्धारमैया और उनके बीच ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले समझौते पर पूछे गए सवाल को उन्होंने चतुराई से टाल दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच क्या बातचीत हुई, मैं उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता। हम सबने मिलकर मेहनत की और सरकार बनाई। यह सिर्फ डीके शिवकुमार या सिद्धारमैया की बात नहीं है; हर विधायक और कार्यकर्ता ने पार्टी को सत्ता में लाने के लिए बलिदान दिया है।'

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