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बजट 2023 : FY 2024 में सरकार उधार से 16 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी, रायटर्स के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने जताया अनुमान

Union budget 2023: सरकार को पिछले दो-तीन सालों में बाजार से काफी ज्यादा उधार लेना पड़ा है। इसकी वजह कोरोना की महामारी थी। इकोनॉमी को सहारा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की मदद के लिए सरकार को अपना खर्च काफी बढ़ाना पड़ा था

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 24, 2023 पर 8:57 AM
बजट 2023 : FY 2024 में सरकार उधार से 16 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी, रायटर्स के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने जताया अनुमान
अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार बाजार से 16 लाख करोड़ रुपये उधार से जुटा सकती है। यह फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के मुाकबले करीब 14.2 फीसदी ज्यादा होगा।

Union Budget 2023: सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर (2023-24) में बाजार से 16 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। रायटर्स के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने यह अनुमान जताया है। उनका मानना है कि सरकार यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही खर्च को भी नियंत्रण में रखने की कोशिश करेगी। पिछले चार साल में सरकार पर कर्ज का बोझ दोगुना हो गया है। इसकी वजह यह है कि सरकार ने कोरोना की महामारी के दौरान अपना खर्च बहुत बढ़ाया था। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत देने और इकोनॉमिक को सपोर्ट करने के लिए सरकार ने अपना खर्च बढ़ाया था। यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस साल भी 9 राज्यों में विधासनभा चुनाव होने वाले हैं।

अगले फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमिक ग्रोथ सुस्त रहने का अनुमान है। इसका असर सरकार के टैक्स कलेक्शन पर पड़ सकता है। साथ ही छोटी अवधि में सरकार के लिए अपने कर्ज में कमी करने की गुंजाइश भी कम हो जाएगी। 43 इकोनॉमिस्ट्स की आम राय के मुताबिक, अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार बाजार से 16 लाख करोड़ रुपये उधार से जुटा सकती है। यह फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के मुकाबले करीब 14.2 फीसदी ज्यादा होगा।

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कुछ इकोनॉमिस्ट्स को अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार की उधारी 14.8-17.2 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। अगर सरकार की उधारी अनुमान की शुरुआती रेंज जितनी रहती है तो भी यह अब तक की सबसे ज्यादा उधारी होगी। 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के समय सरकार की कुल बॉरोइंग सिर्फ 5.92 लाख करोड़ रुपये थी।

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