Union Budget 2023: सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर (2023-24) में बाजार से 16 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। रायटर्स के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने यह अनुमान जताया है। उनका मानना है कि सरकार यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही खर्च को भी नियंत्रण में रखने की कोशिश करेगी। पिछले चार साल में सरकार पर कर्ज का बोझ दोगुना हो गया है। इसकी वजह यह है कि सरकार ने कोरोना की महामारी के दौरान अपना खर्च बहुत बढ़ाया था। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत देने और इकोनॉमिक को सपोर्ट करने के लिए सरकार ने अपना खर्च बढ़ाया था। यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस साल भी 9 राज्यों में विधासनभा चुनाव होने वाले हैं।
