Union Budget 2023: इंडियन इकोनॉमी की रीढ़ माने जाने वाले MSME को यूनियन बजट 2023 से बहुत उम्मीदें हैं। 2020 में कोरोना की महामारी की सबसे ज्यादा मार जिन सेक्टर पर पड़ी थी, उसमें MSME शामिल था। अब इस सेक्टर की गाड़ी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। लेकिन, फिर से रफ्तार पकड़ने के लिए इसे सरकार की मदद की जरूरत है। मनीकंट्रोल ने इस सेक्टर के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसका मकसद यह जानना था कि MSME सेक्टर को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से क्या-क्या उम्मीदें हैं। उनका यह मानना था कि यूनियन बजट 2023 में सरकार का फोकस MSME पर होगा। इसकी वजह यह है कि इंडिया की GDP में इस सेक्टर का योगदान करीब 30 फीसदी है। रोजगार देने में इस सेक्टर का योगदान करीब 45 फीसदी है। इंडिया के कुल एक्सपोर्ट में इसका योगदान करीब 40 फीसदी है। आइए जानते हैं प्रतिनिधियों ने यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) को लेकर क्या कहा।
