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बिक्री के बाद भी IDBI Bank में जरूर रहेगी LIC की कुछ हिस्सेदारी, चेयरमैन ने किया खुलासा

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC की हिस्सेदारी आईडीबाई बैंक (IDBI Bank) में कुछ हिस्सेदारी बनी रहेगी। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने कई सवालों के जवाब भी दिए जैसे कि प्राइवेट बीमा कंपनियों के मुकाबले एलआईसी कहां खड़ी है, अदाणी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों से घाटा हुआ या मुनाफा और इंश्योरेंस इंडस्ट्री का क्या भविष्य है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 14, 2023 पर 9:09 AM
बिक्री के बाद भी IDBI Bank में जरूर रहेगी LIC की कुछ हिस्सेदारी, चेयरमैन ने किया खुलासा
LIC के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों से टक्कर को लेकर कहा कि एलआईसी ने अपना दबदबा कायम रखा है।

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC की हिस्सेदारी आईडीबाई बैंक (IDBI Bank) में कुछ हिस्सेदारी बनी रहेगी। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई एलआईसी की सबसे बड़ी बैंक पार्टनर है, तो यह बैंक के साथ पार्टनरशिप और इसमें अपनी कुछ हिस्सेदारी बनाए रखेगी। इस समय सरकार और एलआईसी की मिलाकर इस बैंक में 94.71 फीसदी हिस्सेदारी है जिसमें से एलआईसी की हिस्सेदारी 49.24 फीसदी हिस्सेदारी है। पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले एलआईसी की तारीफ की थी जिसे लेकर सिद्धार्थ मोहंती का कहना है कि इससे एलआईसी को बड़ा सपोर्ट मिला है। उन्होंने कई सवालों के जवाब भी दिए जैसे कि प्राइवेट बीमा कंपनियों के मुकाबले एलआईसी कहां खड़ी है, अदाणी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों से घाटा हुआ या मुनाफा और इंश्योरेंस इंडस्ट्री का क्या भविष्य है।

प्राइवेट बीमा कंपनियों से कितनी मिल रही टक्कर?

एलआईसी के चेयरमैन ने प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों से टक्कर को लेकर कहा कि एलआईसी ने अपना दबदबा कायम रखा है। उन्होंने कहा कि जब निजी जीवन बीमा कंपनियों के लिए मार्केट खुला तो एलआईसी इस मार्केट में 23 साल पहले भी काम कर चुकी थी। अब पिछले 23 साल से कॉम्पटीशन हो रही है लेकिन इसने अपनी बाजार हिस्सेदारी बरकरार रखी है। एलआईसी का कब्जा हमेशा 60 फीसदी से अधिक मार्केट पर रहा है। एक समय पर, यह 60 फीसदी से नीचे आ गया था, लेकिन एलआईसी ने फिर वापसी की। एलआईसी के चेयरमैन का कहना है कि कंपनी का लक्ष्य अपनी बाजार हिस्सेदारी बरकरार रखने के साथ-साथ अपनी प्रॉफिटेबिलिटी पर भी फोकस करना है।

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