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₹5,000 उधार लेकर शुरू किया बिजनेस, आज ₹43,700 करोड़ के मालिक, IPO ने कराया बंपर फायदा

Waree Energies: हितेश चिमनलाल दोशी ने साल 1985 में एक रिश्तेदार से 5,000 रुपये उधार लेकर बिजनेस शुरू किया था। आज करीब 40 साल बाद, वह देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक, वारी ग्रुप के मालिक हैं। सोमवार 28 अक्टूबर को वारी ग्रुप की सबसे मुख्य कंपनी वारी एनर्जीज का IPO शेयर बाजार में लिस्ट हुआ। इसके साथ ही दोशी और उनका परिवार अब दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल हो गया है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 29, 2024 पर 6:07 PM
₹5,000 उधार लेकर शुरू किया बिजनेस, आज ₹43,700 करोड़ के मालिक, IPO ने कराया बंपर फायदा
Waree Energies: 57 वर्षीय हितेश चिमनलाल दोशी, वारी एनर्जी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं

हितेश चिमनलाल दोशी ने साल 1985 में एक रिश्तेदार से 5,000 रुपये उधार लेकर बिजनेस शुरू किया था। आज करीब 40 साल बाद, वह देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक, वारी ग्रुप के मालिक हैं। सोमवार 28 अक्टूबर को वारी ग्रुप की सबसे मुख्य कंपनी वारी एनर्जीज का IPO शेयर बाजार में लिस्ट हुआ। इसके साथ ही दोशी और उनका परिवार अब दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल हो गया है। वारी एनर्जीज के शेयर सोमवार 56% के धांसू प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद दोषी परिवार की कुल संपत्ति बढ़कर करीब 43,700 करोड़ रुपये (5.2 अरब डॉलर) पर पहुंच गई, जो लिस्टिंग के पहले के मुकाबले दोगुनी है।

57 वर्षीय हितेश चिमनलाल दोशी, वारी एनर्जी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि उनके दो भाई और भतीजे ग्रुप में बोर्ड डायरेक्टर हैं। इसके अलावा यह परिवार ग्रुप की 2 अन्य कंपनियों- वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और वारी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का भी सबसे बड़ा शेयरधारक है। ये दोनों कंपनियां शेयर बाजार में पहले से सूचीबद्ध हैं।

वारी एनर्जीज देश की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी है जिसकी क्षमता 12,000 मेगावाट है। इसके आय का अधिकतर हिस्सा अमेरिका को निर्यात बिक्री से आता है।

महाराष्ट्र के टुनकी में पैदा हुए दोशी कॉलेज की पढ़ाई के लिए अपने गांव से करीब 600 किलोमीटर दूर मुंबई आए। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी की श्री चिनॉय कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में एडमिशन लिया। वहां रहते हुए, उन्होंने हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंट गेज का व्यापार शुरू करने के लिए एक रिश्तेदार से 5,000 रुपये उधार लिए। इस बिजनेस के मुनाफे से अपने अपने जीवन-यापन के खर्चे पूरे किए और कॉलेज की फीस का भुगतान किया। दोशी ने साल 2014 में इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ये जानकारी दी थी।

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