अगर आप देर रात तक जागने की आदत को सामान्य समझते हैं, तो यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हाल ही में Psychiatry Research जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि रात 1 बजे के बाद सोने से मानसिक और व्यवहारिक समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। स्टैनफोर्ड मेडिसिन के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस शोध में 75,000 वयस्कों की नींद की आदतों का विश्लेषण किया गया, जिसमें ये साफ हुआ कि जो लोग देर रात तक जागते हैं, उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिसर्च के अनुसार, देर रात सोने वालों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, आत्मघाती विचार और नशे की लत जैसी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।
