धीरे-धीरे बहुत कुछ डिजिटल होता जा रहा है। स्मार्ट मोबाइल और स्मार्ट टीवी हर घर में अपनी पैठ जमा चुके हैं। जिससे बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है। अब तो ऑनलाइन एजुकेशन, खरीदारी जैसे तमाम काम होने की वजह से लोगों का स्मार्टफोन पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हर हाथ में स्मार्टफोन होने की वजह से बच्चों के पास भी स्मार्टफोन अपनी जगह बना चुका है। लगातार स्मार्टफोन, टीवी और रील्स देखने से बच्चे मायोफिया के शिकार हो रहे हैं। यह एक आंख से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। भारत में इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चे इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
