Get App

Services PMI : सितंबर में और तेज हुई सर्विस सेक्टर की रफ्तार, सर्विसेज PMI अगस्त के 60.1 से बढ़कर 61 पर आई

Services PMI : पीएमआई एक सर्वे आधारित इंडीकेटर है। ये सर्विस सेक्टर की लगभग 400 कंपनियों से मिली जानकारी पर आधारित होता है। इस सर्वे में नान-रिटेल कंज्यूमर सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट, सूचना, संचार, वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज से जुड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। इसमें हर सेक्टर के लिए एक इंडेक्स बनाया जाता है। फिर उन सभी को मिलाकर एक ओवरऑल पीएमआई आंकड़ा दिया जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2023 पर 12:56 PM
Services PMI : सितंबर में और तेज हुई सर्विस सेक्टर की रफ्तार, सर्विसेज PMI अगस्त के 60.1 से बढ़कर 61 पर आई
सितंबर में भारत की कम्पोजिट पीएमआई अगस्त के 60.9 से बढ़कर सितंबर में 61 पर आ गई है। गौरतलब है कि कम्पोजिट पीएमआई, सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई का कॉम्बीनेशन होता है

Services PMI : 5 अक्टूबर को एसएंडपी ग्लोबल की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में भारत में सर्विसेज सेक्टर की कारोबारी गतिविधियों में विस्तार जारी रहा है। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त के 60.1 से बढ़कर सितंबर में 61 पर आ गया है। ये देश में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में और बढ़त आने का संकेत है। सितंबर में भारत का सर्विसेज पीएमआई इंडेक्स लगातार 26वें महीने 50 अंक से ऊपर रहा है। बताते चलें कि अगर PMI आंकड़ा 50 के ऊपर होता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में ग्रोथ हुई है। वहीं अगर ये आंकड़ा 50 के नीचे रहता है तो यह माना जाता है कि कारोबारी गतिविधियों में संकुचन आया है।

 नए ऑर्डरों की संख्या में 13 सालों में सबसे बड़ी बड़ी बढ़त

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलियाना डी लीमा का कहना है कि ताजे पीएमआई आंकड़े भारत की सर्विसेज इकोनॉमी के लिए अच्छी खबरें लेकर आए हैं। सितंबर में इस सेक्टर की कारोबारी गतिविधियां और नए ऑर्डरों की संख्या में 13 सालों में सबसे बड़ी बड़ी बढ़त देखने को मिली है।

बताते चलें कि पीएमआई एक सर्वे आधारित इंडीकेटर है। ये सर्विस सेक्टर की लगभग 400 कंपनियों से मिली जानकारी पर आधारित होता है। इस सर्वे में नान-रिटेल कंज्यूमर सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट, सूचना, संचार, वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज से जुड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। इसमें हर सेक्टर के लिए एक इंडेक्स बनाया जाता है। फिर उन सभी को मिलाकर एक ओवरऑल पीएमआई आंकड़ा दिया जाता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें