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भारत के बच्चे सबसे ज्यादा पढ़ाकू, थाईलैंड दूसरे नंबर पर, जानिए अन्य देशों का हाल

Good News: पढ़ाई लिखाई के मामले में भारतीय बच्चे सबसे आगे हैं। इसके बाद अन्य देशों के बच्चों का नंबर आता है। इंटरनेशनल लेवल पर एक वर्ल्ड आफ स्टैटिसटिक्स नाम की संस्था है। जिसने दुनिया में रोजाना पढ़ाई के घंटे के लिहाज से पढ़ने वाले बच्चों के देशों की एक लिस्ट जारी की है। जिसमें भारतीय बच्चे टॉप पर हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 11, 2024 पर 4:18 PM
भारत के बच्चे सबसे ज्यादा पढ़ाकू, थाईलैंड दूसरे नंबर पर, जानिए अन्य देशों का हाल
Good News: एक स्टडी के मुताबिक, भारतीय बच्चे दिन भर में औसतन 10 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करते हैं।

दुनिया भर में एजुकेशन से जुड़े भारतीय बच्चों के बारे में एक गुड न्यूज सामने आई है। जिसे सुनकर हर कोई गदगद है। जब भी पढ़ाई लिखाई की बात आती है तो भारत में आमतौर पर अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यहां तक कि अभिभावक भी पढ़ाई के लिए बच्चों को पहली प्राथमिकता देते हैं। इसका नतीजा पूरी दुनिया में दिख रहा है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड आफ स्टैटिसटिक्स (World of Statistics) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दुनिया के पढ़ाकू बच्चों की लिस्ट जारी की गई है। यानी किस देश के बच्चे सबसे ज्यादा पढ़ाई करते हैँ। इस लिस्ट में भारतीय बच्चे पहले पायदान पर हैं।

हालांकि इस रिपोर्ट में कई ऐसे देशों के नाम हैं। जिन्हें आम तौर पर यूरोपीय और पश्चिमी देश खास तवज्जो नहीं देते हैं। लेकिन इस रिपेार्ट के आने के बाद पढ़ने- लिखने वाले बच्चों की संख्या के लिहाज से देश की रैंक जारी की गई है। इसकी रैंक देखकर आप खुशी से झूम उठेंगे।

इस देश के बच्चे सबसे ज्यादा पढ़ते हैं

अगर पढ़ाकू बच्चों की लिस्ट देखी जाए तो इसमें पहले नंबर पर भारतीय बच्चे हैं। इसकी वजह ये है कि भारत के युवा पढ़ाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। भारत में लोग एक दिन में सबसे ज्यादा करीब 10 घंटे पढ़ाई करते हैं। वह पढ़ाई को लेकर काफी सीरियस माने जाते हैं। वहीं दूसरे नंबर पर थाईलैंड के बच्चे हैं। थाईलैंड के लोग दिन में करीब 9 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करते हैं। उन्हें भी किताबें और पढ़ाई से खास लगाव रहता है। तीसरे नंबर पर चीन के बच्चे हैं। चीन के लोग रोजाना पढ़ाई लिखाई के लिए औसतन 8 घंटे का समय देते हैं। फिर चौथे नंबर पर फिलिपींस के बच्चे आते हैं। यहां के लोग रोजाना औसतन 7 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करते हैं। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते रहते हैं।

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