गलत आरोप में जवानी के 37 साल जेल में बर्बाद, अब मुआवजे में मिलेंगे ₹116 करोड़, पहले हुई थी मौत की सजा

कभी-कभी ऐसा मामला सुनने में आता है कि किसी शख्स को गलत आरोप में जेल हो गई है। हालांकि कभी-कभी ऐसा भी सुनने में आता है कि शख्स की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा जेल में ही बीत जाए और फिर ढलती उम्र में वह बेकसूर निकले। ऐसा ही एक मामला अमेरिका के फ्लोरिडा में सामने आया है। यहां एक शख्स को ऐसे अपराध के लिए अपनी जवानी के 37 साल बिताने पड़े, जो उसने किया ही नहीं था

अपडेटेड Feb 17, 2024 पर 3:38 PM
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फ्लोरिडा के रॉबर्ड को सेक्सुअल असॉल्ट और मर्डर के गलत आरोप में 37 साल जेल में बिताने पड़े।

कभी-कभी ऐसा मामला सुनने में आता है कि किसी शख्स को गलत आरोप में जेल हो गई है। हालांकि कभी-कभी ऐसा भी सुनने में आता है कि शख्स की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा जेल में ही बीत जाए और फिर ढलती उम्र में वह बेकसूर निकले। ऐसा ही एक मामला अमेरिका के फ्लोरिडा में सामने आया है। यहां एक शख्स को ऐसे अपराध के लिए अपनी जवानी के 37 साल बिताने पड़े, जो उसने किया ही नहीं था। फ्लोरिडा का Robert DuBoise जब जेल गया था तो 18 वर्ष का था और 37 साल बाद जब वह वर्ष 2020 में जेल से बाहर आया तो जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा जेल में ही बेवजह खर्च हो गया। अब उसे मुआवजे के तौर पर 1.4 करोड़ डॉलर (116 करोड़ रुपये) मिलेंगे। रॉबर्ट इस समय 59 वर्ष का है।

पहले हुई थी मौत की सजा

फ्लोरिडा के रॉबर्ड को सेक्सुअल असॉल्ट और मर्डर के गलत आरोप में 37 साल जेल में बिताने पड़े। जब यह अपराध हुआ था तो रॉबर्ट 18 वर्ष का था। रॉबर्ट को टेम्पा रेस्टोरेंट में अपनी वर्क शिफ्ट खत्म कर घर जा रही 19 साल की बारबरा ग्राम्स (Barbara Grams) की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में उनकी सजा को घटाकर उम्र कैद कर दिया गया। इसके बाद 2018 में इनोसेंस प्रोजेक्ट ऑर्गेनाइजेशन की मदद से प्रॉसिक्यूटर्स इस मामले को फिर से खोलने पर राजी हो गए। डीएनए टेस्टिंग से पता चला कि इस मामले में कोई और दो शख्स थे। इसके बाद वर्ष 2020 में रॉबर्ट को रिहा कर दिया गया।


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जेल से बाहर आते ही जांच करने वालों पर ठोक दिया केस

रॉबर्ट ने जेल से बाहर आते ही टेम्पा शहर, जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों और एक फोरेंसिक डेंटिस्ट पर केस कर दिया। इस फोरेंसिक डेंटिस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि पीड़िता पर दांत से काटने के जो निशान मिले थे, वह रॉबर्ट की दांत के थे। इस केस में फैसला 11 जनवरी को आ गया लेकिन टैम्पा सिटी काउंसिल ने आधिकारिक तौर पर गुरुवार को 1.4 करोड़ डॉलर के मुआवजे को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।

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काउंसिल के सदस्य लुईस विएरा का कहना है कि यह बहुत बड़ी गलती थी और उम्मीद करते हैं कि इस मुआवजे से रॉबर्ट को कुछ हद तक राहत मिलेगी। वहीं रॉबर्ट का कहना है कि उनके लिए जेल से बाहर आने का मतलब बस यही है कि अब उन्हें जेल में नहीं रहना होगा। रॉबर्ट ने आगे कहा कि पैसे, घर, कार या कोई भी चीज वह नहीं लौटा सकती, जो उन्होंने खोया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में किसी भी बात को लेकर कड़वाहट नहीं है। सिटी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक रॉबर्ट और उनकी फर्म को इस साल 90 लाख डॉलर मिलेंगे, अगले साल 30 लाख डॉलर और फिर वर्ष 2026 में 20 लाख डॉलर मिलेंगे।

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