कोरोना महामारी के दौरान 'Work From Home' के कल्चर ने तेजी पकड़ी लेकिन अब कुछ ही कंपनियां में इसकी मंजूरी मिली हुई है। दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) की बात करें तो वह ऑफिस से दूर किसी स्थान से काम करने के खिलाफ हैं। मस्क के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम एक नैतिक मुद्दा है और उनके हिसाब से एंप्लॉयीज को ऑफिस से काम करना चाहिए, चाहिए पूरे हफ्ते में पूरे चालीस घंटे न हो यानी कि हफ्ते भर ऑफिस से काम न करें लेकिन हर हफ्ते कुछ समय जरूर एंप्लॉयीज को ऑफिस से काम करना चाहिए। मस्क के इस बयान के चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी कंपनी टेस्ला (Tesla), स्पेसएक्स (SpaceX) और ट्विटर (Twitter) में वर्क फ्रॉम होम अब बीते दिनों की बात है।
Elon Musk ने क्यों कहा ऐसा
सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में मस्क ने कहा कि उनका मानना है कि एंप्लॉयीज जब ऑफिस में उपस्थित रहते हैं तो वह ज्यादा बेहतर काम करते हैं। उन्होंने ये बातें टेस्ला के शेयरधारकों के साथ सालाना बैठक के बाद कही। मस्क ने इसे नैतिक रूप से भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि आपका खाना लाने वाला आपके घर तक आता है, वे वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकते है और आपके घर को मेंटेन करने वाला वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकता है, लेकिन आप कर सकते हैं। क्या यह नैतिक रूप से सही है?
तेजी से घट रहा Work From Home का कल्चर
भारत की बात करें तो वर्क फ्रॉम होम का कल्चर तेजी से कम हो रहा है। पिछले साल अक्टूबर भारत की 70 फीसदी से अधिक कंपनियों ने हाइब्रिड मॉडल अपना लिया यानी कि हफ्ते में कुछ दिन ऑफिस से काम और कुछ दिन घर से काम। जनवरी 2022 में आधे से अधिक नौकरियां ऑफिस से दूर रहकर हो रही थी। हालांकि जब कंपनियों ने बुलाना शुरू किया तो इस्तीफों की भी बाढ़ आ गई।