अपनी शादी के तुरंत बाद एक शिल्पकार अमरशिल्पी जकनचारी ने अपना घर छोड़ दिया और कर्नाटक के तुमकुर में नए आइडियाज के साथ जा पहुंचे। अमरशिल्पी घर से नौ किलोमीटर दूर जाकर कल्याणी, चालुक्य और होयसल जैसे मंदिरों पर काम करने लगे। वो अपने काम के प्रति इतना समर्पित थे कि अपनी पत्नी और बेटे के बारे में भी भूल गए। यहां तक की अपने बेटे के जन्म के समय भी वो परिवार के साथ उपस्थित नहीं थे। जकनचारी ने बेलूर के चेन्नाकेशव मंदि, हेलिबिड का होयसलेश्वर मंदिर और सोमनाथपुरा के केशव मंदिर पर काम किया।
