Get App

Rakesh Jhunjhunwala के दो गुरु, जिनसे सीखा निवेश की एबीसीडी

पिछले साल आज ही के दिन यानी 14 अगस्त 2022 को दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था। राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो पर आम निवेशकों की निगाहें लगी रहती थी कि उन्होंने किस शेयर पर दांव लगाया है और किस शेयर को बेचा है। बिग बुल (Big Bull) से आम निवेशक काफी प्रभावित थे लेकिन बिग बुल खुद किससे प्रभावित थे?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 15, 2023 पर 4:02 PM
Rakesh Jhunjhunwala के दो गुरु, जिनसे सीखा निवेश की एबीसीडी
Rakesh Jhunjhunwala ने RK Damani के अलावा एक और दिग्गज निवेश से सीखा था, वह हैं Nemish Shah।

पिछले साल आज ही के दिन यानी 14 अगस्त 2022 को दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था। राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो पर आम निवेशकों की निगाहें लगी रहती थी कि उन्होंने किस शेयर पर दांव लगाया है और किस शेयर को बेचा है। बिग बुल (Big Bull) से आम निवेशक काफी प्रभावित थे लेकिन बिग बुल खुद किससे प्रभावित थे? बिग बुल राकेश झुनझुनवाला ने इसे लेकर बताया था कि वह दिग्गज निवेशक आरके दमानी और नेमिश शाह से काफी प्रभावित हैं। राकेश झुनझुनवाला इन दोनों का वे तहेदिल से सम्मान करते हैं।

RK Damani से 1985 में हुआ था Rakesh Jhunjhunwala का परिचय

राकेश झुनझुनवाला पहली बार आरके दमानी से 1985 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की बिल्डिंग से सटी गली में हुआ था। यह वह जगह थी कि जहां ब्रोकर्स और मार्केट पार्टिसिपेंट्स दिन का कारोबार खत्म होने के बाद ट्रेडिंग से जुड़ी बातचीत के लिए इकट्ठा होते थे। झुनझुनवाला ने सीएनबीसी-टीवी18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके जीवन में बहुत से लोगों ने उन्हें प्रभावित किया, लेकिन किसी ने भी मुझे उस तरह प्रभावित नहीं किया जैसा दमानी ने किया।

मैं चाहता हूं कि 30 सीए मेरे लिए काम करें, राकेश झुनझुनवाला नें इंटरव्यू में कही थीं ये बातें

राकेश झुनझुनवाला ने बताया कि जब दोनों की मुलाकात हुई थी तो झुनझुनवाला के पास कोई ऑफिस नहीं था लेकिन दोनों ने तुरंत दोस्ती कर ली क्योंकि झुनझुनवाला हमेशा एक ऐसा शख्स चाहते थे, जो उन्हें सुने और दमानी हमेशा किसी ऐसे व्यक्ति को सुनना चाहते थे जो सार्थक बात करे। झुनझुनवाला के मुताबिक दमानी की सबसे बड़ी खूबी किसी बात को धैर्यपूर्वक सुनना है। उन्होंने एक वाकया भी सुनाया कि वह टाटा पावर को लेकर बुलिश थे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी, सिवाय आरके दमानी के।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें