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यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को भारत की यूनिवर्सिटी में नहीं दे सकते एडमिशन, केंद्र ने SC में दाखिल किया अपना जवाब

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कई भारतीय छात्रों को अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में छोड़ कर स्वदेश लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नेशनल मेडिकल कमिशन अधिनियम में कानूनन इसकी अनुमति नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 15, 2022 पर 9:20 PM
यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को भारत की यूनिवर्सिटी में नहीं दे सकते एडमिशन, केंद्र ने SC में दाखिल किया अपना जवाब
यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को भारत की यूनिवर्सिटी में नहीं दे सकते एडमिशन

केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (SC) से कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के चलते भारत लौटे मेडिकल छात्रों (Indian Students) को भारतीय यूनिवर्सिटी या कॉलेजों दाखिला देना संभव नहीं है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कई भारतीय छात्रों को अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में छोड़ कर स्वदेश लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नेशनल मेडिकल कमिशन अधिनियम में कानूनन इसकी अनुमति नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर एक हलफनामे में, केंद्र ने कहा कि इस तरह की छूट (उन्हें भारतीय यूनिवर्सिटी में दाखिल करने) की अनुमति देने से भारत में मेडिकल एजुकेशन के मानकों में बाधा आएगी। कोर्ट में ये हलफनामा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव की तरफ से दायर किया गया था।

शीर्ष अदालत में मंत्रालय कई सारी याचिकाओं का जवाब दे रहा था। याचिकाओं में उन भारतीय छात्रों के लिए राहत की मांग की गई थी, जिन्हें 24 फरवरी 2022 को रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ "विशेष सैन्य अभियान" घोषित किए जाने के बाद, अपनी मेडिकल की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

हलफनामे में, केंद्र सरकार ने कहा कि छात्रों ने दो कारणों से विदेशों में पढ़ाई करने का ऑप्शन चुना, ये दो कारण हैं- NEET में पास न होने और सामर्थ्य।

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