Netweb Tech IPO: सुपरकंप्यूटर बनाने वाली दिग्गज कंपनी नेटवेब टेक (NetWeb Tech) के शेयरों की ग्रे मार्केट में जबरदस्त मांग दिख रही है। यह आईपीओ अब बंद हो चुका है और ओवरऑल 90.55 गुना सब्सक्राइब हुआ है। वहीं ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयर इश्यू के 475-500 रुपये के प्राइस बैंड के अपर प्राइस से 381 रुपये यानी 76.20 फीसदी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहे हैं। ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जाता है। अब सवाल ये उठता है कि क्या इतना तगड़ा प्रीमियम सही है या यह इनफ्लेटेड है? ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल मार्केट है जहां मार्केट में लिस्टिंग से पहले तक आईपीओ के शेयरों की खरीद-बिक्री होती है। ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के हिसाब से यह 881 रुपये पर लिस्ट हो सकता है।
एक्सपर्ट्स का क्या मानना है?
अरिहंत कैपिटल मार्केट्स के इंस्टीट्यूशनल बिजनेस की प्रमुख और पूर्णकालिक निदेशक अनीता गांधी का कहना है कि नेटवेब टेक के मजबूत निवेश और वित्त वर्ष 2023 में मजबूत प्रदर्शन के आधार पर ग्रे मार्केट में इसकी स्थिति उचित लेवल पर है। अनीता का कहना है कि कंपनी जोर आरएंडडी पर है जिससे यह इनोवेशन और बाजार की जरूरतों के मुताबिक प्रोडक्ट तैयार करती है। ग्राहकों के साथ लंबे संबंध और प्रोडक्ट्स की बड़ी रेंज इसे वैश्विक ओईएम (ओरिजिनिल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरर्स) के बीच अलग बनाती है।
स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च एनालिस्ट Dhruv Mudaraddi का भी मानना है कि ग्रे मार्केट में इसकी स्थिति इनफ्लेटेड नहीं है। ध्रुव के मुताबिक इसका बिजेनस मॉडल एकदम अलग है और यह देश की इकलौती कंपनी है जो एचसीएस (हाई-एंड कंप्यूटिंग सिस्टम) ऑफर करती है। आरएंडडी पर अधिक फोकस, क्लाइंट्स के साथ मजबूत संबंध, भारत और भारत के बाहर कारोबार को मजबूत करने की स्टैटेजी और जिस सेगमेंट में यह है, उसमें नई कंपनियों की एंट्री के कठिन होने के चलते यह काफी फायदे की स्थिति में है। वैल्यूशन को लेकर ध्रुव का मानना है कि यह थोड़ा बढ़ा हुआ है लेकिन कंपनी के बिजनेस के मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं और लगातार बेहतर वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड के चलते यह सही भी दिख रहा है।
चूंकि यह एचसीएस इंडस्ट्री में देश की इकलौती कंपनी है तो ब्रोकरेज फर्म निर्मल बंग ने इसकी तुलना ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक मैनुफैक्चरिंग सर्विसेज) कंपनियों से की हैं जो मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स बनाती हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक इन ईएमएस कंपनियों की तुलना में नेटवेब की ग्रोथ और रिटर्न रेश्यो हाई हैं।
Netweb Tech IPO को मिला तगड़ा रिस्पांस
नेटवेब टेक के 631 करोड़ रुपये का आईपीओ 17-19 जुलाई तक खुला था। यह इश्यू ओवरऑल 90.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) का हिस्सा 220.69 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 83.21 गुना और खुदरा निवेशकों का 19.48 गुना भरा था। एंप्लॉयी के हिस्से के लिए 55.92 गुना बोली मिली थी। एंप्लॉयी के लिए 25 रुपये डिस्काउंट है। इस इश्यू के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले 206 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और बाकी 425 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी।
नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की लॉन्ग टर्म की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी। इसके अलावा इन पैसों का इस्तेमाल नई एसएमटी (सर्फेस माउंट टेक्नोलॉजी) प्रोडक्शन लाइन के लिए बिल्डिंग बनाने और मशीनरी खरीदने में भी होगा।
Netweb Tech के बारे में डिटेल्स
HCS (हाई-एंड कंप्यूटिंग सॉल्यूशंस) के क्षेत्र में यह कंपनी भारत की लीडिंग OEM में से एक है। यह सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम, प्राइवेट क्लाउड और HCI (हाइपर-कन्वर्ज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर), डेटा सेंटर सर्वर, एआई सिस्टम और एंटरप्राइज वर्कस्टेशन और HPS (हाई-परफॉर्मेंस स्टोरेज) सॉल्यूशंस प्रोवाइड करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हरियाणा के फरीदाबाद में है। यह आईटी में आरएंडडी और सुपरकंप्यूटिंग इत्यादि को लेकर सरकारी संस्थानों को भी सर्विसेज देती है। इसके दो सुपरकंप्यूटर्स दुनिया के टॉप 500 की सूची में 10 बार लिस्ट हुए हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 3.91 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष बढ़कर 8.23 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 22.45 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 46.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
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