Srivari Spices and Foods IPO: मसाला और आटा बेचने वाली दिग्गज कंपनी स्रिवेरी स्पाइसेज एंड फूड्स (Srivari Spices and Foods) का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल गया है। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयर काफी मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। आईपीओ के लिए तय किए गए प्राइस बैंड के अपर प्राइस से 21 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इस इश्यू का प्राइस बैंड 40-42 रुपये है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए।
Srivari Spices and Foods IPO की डिटेल्स
9 करोड़ रुपये का यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस इश्यू के लिए 40-42 रुपये का प्राइस बैंड और 3 हजार शेयरों का लॉट फिक्स किया गया है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। इश्यू का रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है।
एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE SME पर इसकी एंट्री 18 अगस्त को होगी। इस इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 21,42,000 नए शेयर किए जाएंगे। ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत शेयरों की बिक्री नहीं होगी। इन शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Srivari Spices and Foods के बारे में
2019 में बनी यह कंपनी मसाले और चक्की आटा के कारोबार में है। इसका कारोबार मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश और उसके आस-पास फैला हुआ है। यह मसालों की 3 हजार से अधिक रिटेल आउटलेट के साथ-साथ गेहूं और शरबती आटा को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 15 हजार से अधिक आउटलेट को भेजती है। यह बिजनेस के साथ-साथ सीधे ग्राहकों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। इसके दो मैनुफैक्चरिंग प्लांट हैं- एक तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के जलपल्ली गांव और दूसरा भी इसी जिले के फारुकनगर मंडल में।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 10.69 लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि अगले ही वित्त वर्ष इसकी सेहत में सुधार हुआ और वित्त वर्ष 2021 में इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 35.26 लाख रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2022 में इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर 72.84 लाख रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 3.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।