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क्रेडिट सुइस ने भारत की रेटिंग ‘अंडरवेट’ से बढ़ाकर ‘बेंचमार्क’ की, जानिए किन शेयरों पर है इसकी नज़र

क्रेडिट सुइस का कहना है कि 2023 में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही कम आय वाली नौकरियां बढ़ने की भी उम्मीद है। आगे हमें सप्लाई की दिक्कत खत्म होती दिखेगी। क्रेडिट सुइस का मानना है कि 2023 में महंगी ब्याज दरों का असर दिखेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2022 पर 1:44 PM
क्रेडिट सुइस ने भारत की रेटिंग ‘अंडरवेट’ से बढ़ाकर ‘बेंचमार्क’ की, जानिए किन शेयरों पर है इसकी नज़र
भारत की रेटिंग में यह अपग्रेडेशन देश की इकोनॉमी में निहित ताकत को ध्यान में रखकर किया गया है

क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) की ग्लोबल इक्विटीज स्ट्रैटेजी टीम ने 2023 के लिए भारत की रेटिंग को ‘अंडरवेट’ से बढ़ाकर ‘बेंचमार्क’ कर दिया है। भारत की रेटिंग में यह अपग्रेडेशन देश की इकोनॉमी में निहित ताकत को ध्यान में रखकर किया गया है। इस विदेशी ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि भारतीय बाजार के हाई वैल्यूएशन और भुगतान संतुलन में कमजोरी को देखते हुए भारत की रेटिंग ‘ओवरवेट’नहीं की गई है।

अगले साल भारत का भुगतान संतुलन रहेगा निगेटिव 

क्रेडिट सुइस ने ये भी कहा है कि अगले साल भारत का भुगतान संतुलन निगेटिव जोन में रह सकता है। क्रेडिट सुइस के इंडिया हेड ऑफ रिसर्च नीलकंठ मिश्रा का कहना है कि हमें उम्मीद है कि साल 2023 में भारत के जीडीपी में मजबूत बढ़त देखने को मिलेगी। सरकारी खर्च में बढ़त, लो इनकम ज़ॉब में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं में सुधार से देश की जीडीपी को बल मिलेगा।

भारत के लिए कहां से नजर आ रहा है जोखिम? इस पर बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि कच्चे तेल के आयात और विदेशी पूंजी पर निर्भरता के साथ ही ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी भारत के लिए नेगेटिव साबित हो सकती है।

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