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Daily Voice: बाजार में जून का निचला स्तर भी मुमकिन, सैम्को एमएफ के CEO ने बताई ये वजह

विराज गांधी ने कहा कि इस समय बाजार में कुछ पॉकेट्स के वैल्यूएशन काफी महंगे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा 2024 में जनरल इलेक्शन भी होने वाले हैं। ये दोनों कारक 2023 में बाजार में गिरावट की वजह बन सकते हैं। ब्याज दरों के हाई लेवल पर बने रहने से दुनिया भर के बाजारों पर दबाव देखने को मिल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2022 पर 12:16 PM
Daily Voice: बाजार में जून का निचला स्तर भी मुमकिन, सैम्को एमएफ के CEO ने बताई ये वजह
अगर मंदी की आशंका के कारण बाजार में कोई करेक्शन आता भी है तो निवेशकों को इस मौके का फायदा लंबी अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों को चुनने के लिए उठाना चाहिए

2023 में एक बार फिर से जून 2022 का निचले स्तर दिखने की संभावना से पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता। चाइना-ताइवान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, उम्मीद से लंबा खिंचता महंगाई का दौर कुछ ऐसे इंटरनेशनल फैक्टर्स हैं जिनके कारण दुनिया भर में ब्याज दरों में बढ़त का दौर कायम रह सकता है। ब्याज दरों के हाई लेवल पर बने रहने से दुनिया भर के बाजारों पर दबाव देखने को मिल सकता है। ये बातें सैम्को म्यूचुअल फंड (Samco Mutual Fund) के सीईएओ विराज गांधी (Viraj Gandhi) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।

मार्केट के कुछ सेगमेंट्स के वैल्यूएशन महंगे 

घरेलू बाजार पर बात करते हुए विराज गांधी ने कहा कि इस समय मार्केट के कुछ सेगमेंट्स के वैल्यूएशन महंगे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा 2024 में जनरल इलेक्शन भी होने वाले हैं। ये दोनों फैक्टर्स 2023 में बाजार में गिरावट की वजह बन सकते हैं। बता दें कि विराज गांधी सैम्को म्यूचुअल फंड के सीईओ हैं। इनको कैपिल मार्केट का 1 दशक से ज्यादा का अनुभव है। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अगर बाजार की चाल ऊटपटांग हो तो आपको सोच-समझ कर निर्णय लेना चाहिए। युवा निवेशकों को उनकी राय है कि कम्पाउंडिंग का फायदा लेने के लिए अपने पैसे को म्यूचुअल फंड्स को जरिए निवेश करना सबसे बेहतर तरीका हो सकता है।

आगे भारत के ग्रोथ पर आधारित शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी

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