2023 में एक बार फिर से जून 2022 का निचले स्तर दिखने की संभावना से पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता। चाइना-ताइवान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, उम्मीद से लंबा खिंचता महंगाई का दौर कुछ ऐसे इंटरनेशनल फैक्टर्स हैं जिनके कारण दुनिया भर में ब्याज दरों में बढ़त का दौर कायम रह सकता है। ब्याज दरों के हाई लेवल पर बने रहने से दुनिया भर के बाजारों पर दबाव देखने को मिल सकता है। ये बातें सैम्को म्यूचुअल फंड (Samco Mutual Fund) के सीईएओ विराज गांधी (Viraj Gandhi) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।
