मिड, स्मॉल और माइक्रो कैप में मार्च में आई गिरावट के बाद मार्केट के जानकारों ने कहा था कि पैसा इन स्टॉक्स से निकलकर लार्जकैप में जाएगा। इसकी वजह यह बताई गई कि लार्जकैप की वैल्यूएशंस अपेक्षाकृत कम है। कुछ पॉकेट्स में ऐसा होते दिख रहा है। कैपिटल गुड्स और मल्टीनेशनल कंपनियों के स्टॉक्स से इसका संकेत मिलता है। इस बीच, स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स में फिर से रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी दिखने लगी है। अमीर निवेशकों (HNI) की सोच स्पष्ट है-मिडकैप-स्मॉलकैप में अपना निवेश बनाए रखें। लेकिन, नई खरीदारी नहीं करें। मार्च तिमाही के नतीजों पर मार्केट की करीबी नजरें होंगी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5 अप्रैल को लंबे समय बाद बिकवाली की। इसे अभी ट्रेड मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन, ऐसे वक्त जब FII निवेश करने में बहुत सावधानी बरत रहे हैं, घरेलू संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट नहीं मिलने से मार्केट के सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है।
